ओटीपी क्या है, OTP ka full form kya hai in Hindi

आज technology की वजह से सभी task आसान हो गए हैं, लेकिन सभी में एक चीज common होती है जोकि है security. OTP kya hai, OTP ka full form kya hai, क्यूंकि यदि security ना हो तो कोई भी दूसरा user आपके accounts को देख सकता था और उसमें हेर फेर कर सकता था। OTP kya hai, OTP ka full form kya hai।

इसलिए सभी task में multiple types की security use होती है जैसे की password, recaptcha, OTP fingerprint, 2sv इत्यादि, और आज हम बात करेंगे OTP के बारे में की ओटीपी क्या है OTP क्यों use की जाती है।

अधिकतर लोग OTP को जानते हैं क्यूंकि इस time OTP लगभग सभी online task में जरुरी होता है जैसे की banking, social media, document verification, इत्यादि।

और सबसे ज्यादा use की जानें वाली चीज whatsapp,जब कोई भी अपनें phone में whatsapp install करता है तो उसे start करनें के लिए भी आपको OTP की जरुरत पड़ती है, बिना OTP के आप whatsapp नहीं use कर सकते हैं, सिर्फ whatsapp ही नहीं जितनें भी task में OTP की जरुरत होती है यदि आप उस किसी भी task में OTP enter नहीं करते हैं तो आपका task वहीँ पर रुक जायेगा, और proceed करनें के लिए OTP की recuirement होगी।

OTP kya hai, OTP ka full form kya hai

OTP का full form one time password/ one time pin होता है OTP भी एक तरह का password है या फिर चाहें तो इसे pin भी कह सकते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ एक बार किया जा सकता है उसके बाद वो OTP expire हो जाती है यदि पुनः कभी verification की जरुरत पड़ती है तो company द्वारा फिर से OTP provide की जाती है।

हालाँकि OTP एक तरह का password है लेकिन ना तो पहले से ये password मौजूद होता है और ना ही लम्बे समय तक OTP valid रहता है, OTP एक तरह से verification pin है जो company द्वारा generate किया जाता है और आपके enter किये गए mobile number या email account पर भेजा जाता है।

OTP generate होनें के बाद सिर्फ कुछ ही minutes तक valid होती है और उसके बाद OTP expire हो जाती है, और ये उस company के algorithm पर depend करता है की वो OTP कितनीं देर तक valid रहेगी।

OTP का इस्तेमाल

OTP का इस्तेमाल मुख्य रूप से verification और account security के लिए किया जाता है, क्यूंकि OTP एक ऐसी चीज है जिसके जरिये सभी तरह के verification बहुत ही आसान हो गए हैं।

ओटीपी कहां मिलेगी

और खासकर आधार card के आनें के बाद online verification में बहुत अधिक improvement हुवा है, क्यूंकि अधिकतर companies ऐसी हैं जोकि आपके आधार card के जरिये ही आपकी idenity को verifiy करती हैं और उसमें uidai द्वारा verification के लिए OTP भेजी जाती है जिसके बाद आपका आधार verify हो जाता है और वो भी बिना कहीं गए।

जैसे की आप online किसी bank में अपना account open करना चाहते हैं तो आपको अपनीं identity आधार card द्वारा verify करनीं होगी जिसके लिए uidai आपको OTP भेजेगा जिसे आप उस bank account opening page पर डालकर verify कर सकते हैं और अपना account बना सकते हैं।

लेकिन जहाँ तक बात OTP की है तो सिर्फ आधार card ही नहीं बल्कि आपको लगभग हर जगह OTP द्वारा verification का option मिल जाता है जैसे की मान लीजिये आप अपना facebook account बनाना चाहते हैं तो आप अपनीं details normally डाल सकते हैं लेकिन उसमें आपको एक option मिलेगा verification का।

और verification के लिए आपको अपना mobile number डालना होगा जिसके बाद facebook द्वारा आपके डाले गए mobile number पर OTP भेजी जाएगी, और उस OTP को आपको facebook account verification page पर डालकर अपना account verify करना होगा।

या फिर यदि आप अपना debit/credit use करके कोई payment करना चाहते हैं तो payment के लिए card detail डालने और proceed करनें के बाद आपको आपके payment को confirm के लिए आपके card company से OTP आएगा और जब आप उस OTP को verification page पर डालेंगे तो ही आपकी payment की जाएगी।

और इस तरह से OTP एक प्रकार से security का भी काम करता है क्यूंकि मान लीजिये की यदि आपका debit/credit card कहीं खो जाये और किसी व्यक्ति को आपका card मिल जाये तो भी वो आपके card का use करके किसी भी तरह payment नहीं कर सकता है।

क्यूंकि जब कोई payment करनें के लिए वो आपके card detail को कहीं डालेगा तो verification के लिए उस card company द्वारा OTP भेजा जायेगा जोकि आपके mobile number पर आएगा, और उस व्यक्ति को OTP नहीं मिलेगी इसलिए वो payment नहीं की जाएगी।

ठीक इसी प्रकार से OTP का हर जगह इस्तेमाल होता है फिर चाहे वो कोई भी sector हो

OTP का इस्तेमाल account की security में

देखिये मैं आपको ऊपर ये बता चुका हूँ की किस प्रकार से OTP हमारे लिए security का भी काम करती है, ठीक उसी प्रकार सभी departments में verification और security के लिए OTP का इस्तेमाल होता है।

लेकिन इसके अलावा OTP कई भिन्न तरीकों से भी security का काम करती है जिससे users को अपना account सुरक्षित रखने में मदद मिलती है, OTP की वजह से लोग hacking का शिकार होनें से बच जाते हैं।

जैसे की facebook, google, या फिर आपकी खुद की website, blog हो या अन्य कोई account आप handle करते हों तो आप उनपर password के जरिये अपने account को locked रखते हैं जिससे की दूसरा आपके account में हेर फेर ना कर पाए।

या फिर आपकी website है तो कोई आपकी website को hack ना कर पाए, वैसे तो hacking के और भी बहुत से तरीके हैं लेकिन यदि कोई login method से आपके account को hack करनें का प्रयाश करता है तो OTP आपके account को secure करने में आपकी बहुत मदद कर सकती है।

ओटीपी नहीं मिल रहा तो क्या करें

वैसे तो यदि आप कहीं verification कर रहे हैं या payment से related task कर रहे हैं तो definitely आपको आपके mobile number पर उस company पर OTP भेज जायेगा, लेकिन यदि आपको वो OTP नहीं मिलती है तो आप पुनः OTP के लिए request कर सकते हैं।

लेकिन यदि आपनें अपने किसी account में privacy के लिए OTP activate किया है, यानीं की two step verification, two step verification account की सुरक्षा के लिए होता है।

तो इस condition में जब आप अपनें account में log in करते हैं तो login credential डालनें के बाद OTP मांगी जाती है और OTP वो company आपके mobile number पर भेजती है तो जाहिर सी बात है की आपको OTP मिल जाएगी लेकिन यदि दुर्भाग्यवश उस time आपके पास आपका mobile number ना हो तो ऐसी situation के लिए companies backup code provide करती है जिनका आप इस्तेमाल कर सकते हैं।

जैसे की मान लीजिये यदि आप अपनें google account में two step verification enable करते हैं तो जब आप enable करेंगे तो आपको backup code मिलता है उसे कहीं note कर सकते हैं, और जब आप कभी अपनें google account में log in करेंगे तो OTP भी माँगा जायेगा, लेकिन यदि दुर्भाग्यवश आपको OTP नहीं मिलती है तो उन backup codes को डाल सकते हैं, लेकिन एक backup code आप सिर्फ एक बार ही इस्तेमाल कर सकते हैं।

OTP me kitne number hote hain

OTP का कोई fix digit नहीं है, क्यूंकि OTP के digits depend करते हैं उस company पर जिसकी service आप use कर रहे हैं, वैसे तो mostly 4 digit के OTP use किये जाते हैं लेकिन बहुत ही companies 6 digit की OTP भी use करती हैं।

यहाँ तक की बहुत सी websites mixed OTP use करती हैं, जिनमें numbers के साथ साथ letters यानीं की alphabate भी शामिल होते हैं, लेकिन ऐसा बहुत ही कम होता है, और इस तरह के OTP based verification mostly email account के verification के लिए use किया जाता है।

OTP की प्रोसेस

OTP एक random code होता है, जिसे कोई guess नहीं कर सकता है और उन codes के बारे में किसी को जानकारी नहीं होती है क्यूंकि OTP manually generate नहीं किया जाता है।

OTP programming based होती है जिससे की उस service के OTP program खुद OTP generate करते हैं क्यूंकि OTP की manually processing possible नहीं है, यदि आप चाहें तो खुद भी इस तरह के random codes generate कर सकते हैं।

बस इसके लिए coding की जरुरत पड़ेगी, हालाँकि random codes (number) को generate करना बहुत आसान है, random codes को आप सिर्फ कुछ ही lines की coding में generate कर सकते हैं लेकिन उसकी processing एक बड़ा task होता है।

OTP generation से OTP verification तक कई process काम करती हैं जैसे के code generate करना, उस code को match target के लिए process करना, ठीक उसी code को user को sms के जरिये भेजना, user के जरिये enter किये गए code को generate किये गए OTP से मिलान करना।

और ये सारी process computer programming based होती हैं इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति का हस्तक्षेप नहीं होता है, यानीं की ये पूरी process आपके और computer program (Server) के बीच होती है, और ये पूरी process computer based है इसलिए इसमें code mismatch का कोई भी chance नहीं होता क्यूंकि इंसान गलती कर सकते हैं लेकिन मशीनें (Computer) नहीं।

Authenticator पर आधारित OTP

वैसे तो जब बात हो किसी verification या confirmation की तो आपको उस company से आपको usual OTP प्राप्त होंगे, लेकिन जब बात हो किसी account की privacy के लिए तो आपको usual OTP के आलावा authenticator का भी option मिलता है।

authenticator based OTP के लिए आपको अपनें phone में कोई authenticator app install करना होगा और उस website/company से authenticate करना होगा, इस तरह का authentication wordpress sites की सुरक्षा के लिए भी किया जाता है।

जैसे की यदि आपको अपनें facebook या किसी भी account में authenticator द्वारा 2sv enable करना चाहते है तो authenticator app से अपनें उस account को authenticate करके enable कर सकते हैं और उसके लिए OTP company द्वारा नहीं भेजी जाएगी बल्कि OTP उस authenticator app में generate होंगे।

ये codes हमेशा generate होते रहेंगे, और हर 30 seconds बाद खुद ही change हो जायेंगे यानीं की एक OTP सिर्फ और सिर्फ 30 seconds तक vaild रहेगी।

playstore पर इसके लिए आपको ढेरों applications मिल जायेंगे, जिसमें से सबसे ज्यादा google authenticator (50+ M Downloads) का इस्तेमाल होता है और फिर उसके बाद आपको एक दूसरा best microsoft authenticator (10M+ Downloads) मिल जायेगा, कोई भी authenticator आप use कर सकते हैं।

Security OTP के लिए backup codes की importance

यदि किसी security के लिए 2sv का use कर रहे हैं तो required होता है की backup code को print कर लिया जाये क्यूंकि यदि backup code आपके पास सुरक्षित होंगे तो आप OTP न मिलनें की condition में उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

बिना किसी activity के OTP का मिलना

वैसे तो बिना आपकी किसी activity के आपको कभी भी कोई भी company OTP नहीं भेजेगी, क्यूंकि जब company को किसी verification की जरुरत नहीं होगी तो भला आपको कोई OTP क्यों भेजा जायेगा।

लेकिन फिर भी कुछ cases में आपको बिना आपकी किसी activity के OTP मिल सकता है ऐसा बहुत से लोगों के साथ घटित होता है और यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो ये एक बड़ी समस्या है।

यदि आपके bank से ये OTP आ रही है तो इसका मतलब है की आपके card की detail या आपका card किसी और के पास है जो आपके bank account में हेर फेर या transaction करनें का प्रयाश कर रहा है, यदि आपके साथ कुछ ऐसा होता है तो आपको तुरंत ही अपने bank branch जाकर अपनें debit card को block करवा देना चाहिए।

हालाँकि बिना OTP के वो अपनें task में सफल नहीं हो पायेगा लेकिन फिर भी कोई risk ना लें और अपनें card को block करवा दें, और चाहें तो पुनः नए debit card के लिए apply कर सकते हैं।

लेकिन यदि किसी website से आपको बिना आपकी किसी activity के OTP मिले जैसे की facebook, google, twitter इत्यादि तो इसमें multiple conditions होती हैं

First condition – (यदि आपनें अपने account में two step verification enable कर रखा हो तो) इसका मतलब है की किसी के पास आपके account का login credential है जिसे वो डालकर login करनें का प्रयाश कर रहा है और verification के लिए वो company OTP भेज रही है, और यदि वो OTP जो आपके mobile number पर आ रही है उसे मिल जाये तो वो व्यक्ति आपके account में login कर सकता है

तो इस condition में आपको तुरंत अपनें account में जाना चाहिए और login credential (password, username इत्यादि) change कर देना चाहिए।

Second condition – (यदि आपनें अपने account में two step verification ना enable किया हो तो) तो जाहिर सी बात है की आपका account hack हो चुका है और वो व्यक्ति जिसनें आपके account को hack किया है वो आपके account में कोई important changes करनें का प्रयाश कर रहा है।

इस लेख में आपने सीखा OTP kya hai और OTP ka full form kya hai in Hindi हमें उम्मीद है ये जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। यदि आपको ये लेख पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि वो भी जानकारी हासिल कर सकें की OTP kya hai और OTP ka full form kya hai । और यदि आपको इस लेख से रिलेटेड कोई समस्या है तो आप कमेंट में उस बारे में पूंछ सकते हैं, जल्द से जल्द रिप्लाई देने का प्रयास किया जाएगा।